Sunday, February 12, 2017

भुट्‌टे के 6 फायदे 6 Benefits of corn



सड़क किनारे ठेलों पर कोयलों पर भुनते पीले रंग के भुट्‌टे की महक किसी को भी ललचाने पर मजबूर कर सकती है। भुट्‌टा यानी मकई, मक्का या कॉर्न औषधीय गुणों से भरपूर होता है। रिसर्च से पता चलता है कि भुट‌्टा ऐसा अनाज है जिसे पकाने के बाद भी उसके पौष्टिक और एंटीऑक्सीडेंट गुण नष्ट नहीं होते, बल्कि बढ़ जाते हैं। 


1-दिल रखे स्वस्थ Keep heart healthy
भुट्टा में कैरोटीनॉयड नामक विटामिन ए का बेहतरीन स्रोत होते हैं, जो दिल की बीमारियों की आशंका को कम करने में मददगार होता है। इसमें मौजूद विटामिन सी, बायोफ्लेविनॉयड और फीनोलिक कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित रखता है।


2-अल्सर से छुटकारा Get rid of ulcers
भुट्टे में कार्बोहाइड्रेट यानी कि घुलनशील तथा अघुलनशील फाइबर की मात्र अधिक होती है। यह आंतों में बैक्टीरिया या बीमारी फैलाने वाले जीवाणुओं को खत्म कर देता है। इससे अल्सर के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।


3-एनीमिया से बचाव Prevention of Anemia
भुट्टे में मौजूद विटामिन बी और फोलिक एसिड खून की कमी को रोकते हैं। इसे खाने से आयरन की कमी पूरी होती है जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मकई के पीले दाने मिनरल्स से भरपूर होते हैं, जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं।


4-कैंसर रखे दूर Cancer kept away
भुट‌्टा एंटीऑक्सीडेंट का समृद्घ स्रोत है। इसमें मौजूद फेरुलिक एसिड, फीनोलिक, बीटा कैरोटीन और कैरोटीन कैंसर जैसी जटिल बीमारियों से लड़ने में फायदेमंद है। इसको खाने से कैंसर की आशंका कम होती है।


5-मेमोरी करे शार्प Sharp Memory
भुट्टे में मौजूद थायमिन और नायसिन जैसे विटामिन हमारे तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य और मेमोरी को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। थायमिन याददाश्त के लिए आवश्यक न्यूरोट्रांसमीटर का काम करता है, जिसके अभाव में उम्र बढ़ने के साथ-साथ अल्जाइमर रोग हो जाता है।


6-आयरन का स्त्रोत source of iron
मक्का आयरन के सबसे अच्छे स्रोतों में एक है। उबला हुआ मक्का अपनी डाइट में शामिल करने से आयरन की कमी पूरी होती है, जिससे बीमारियां दूर रहती हैं।



नोट: यहाँ बताये गए सभी घरेलू उपायों का इस्तेमाल करने से पूर्व एक बार सच्चाई की जाँच अपने विवेकानुसार अवश्य करें। किसी जानकर की सलाह लेना ज्यादा उपयोगी रहेगा।

MORE TOPICS


FOLLOW US ON

                            

पुदीने के 7 फायदे 7 MINT BENEFITS




घर के बाहर हो या अंदर, गर्मी है कि बढ़ती ही जा रही है। पसीने की चिपचिपाहट और गर्मी का कॉम्बो जैसे हमारा शरीर निचोड़ रहा है। कुछ खाने का दिल नहीं करता। बस पानी, छाछ, लस्सी, आईसक्रीम जैसी ठंडी और तरह चीजें लेने का ही मन करता है। इतनी गर्मी में कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका नाम लेने से ही सुकून मिलता है। पुदीना भी ऐसा ही एक नाम है...पुदीने के हालांकि कई फायदे हैं और इसे कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन आमतौर पर हम अपने घरों में पुदीने को केवल चटनी बनाने या गार्निश करने में ही इस्तेमाल करते हैं।


पुदीने की कुछ ताजा हरी पत्तियों को काटिए और इसे अपने सलाद में मिला लीजिए। ऊपर से थोड़ा अदरक और नींबू का छिलका घिसकर मिलाएं। आप चाहें, तो इस सलाद में थोड़ा तरबूज भी मिला सकते हैं।
ये सारी चीजें एकसाथ बेहद स्वादिष्ट तो लगती ही हैं, साथ ही यह गर्मी में आपके शरीर को भी काफी सुकून पहुंचाती हैं। पुदीने का लाजवाब स्वाद बोरिंग सलाद को भी शानदार बना देता है

पुदीने की कुछ पत्तियां पतली-पतली काट लीजिए और इसे फ्रिज के बर्फ वाली ट्रे में मिला लीजिए। आप चाहें, तो इसे किसी ड्रिंक में इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर इसे स्मूदी के साथ मिला सकते हैं। पुदीने का फ्लेवर आपके ड्रिंक में ताजगी घोल देगा


ग्रेवी बनाते समय मीठे और नमकीन फ्लेवर के लिए सिरका इस्तेमाल करने की जगह, सूखे पुदीने के पत्ते का इस्तेमाल करें। इसका चूरा बनाएं और ग्रेवी आधी पकने पर फ्लेवर के लिए उसमें मिलाएं। कमाल का स्वाद आएगा


पुदीने की ताजी पत्तियों को चीनी के साथ मिलाकर मिंट सीरप बना सकते हैं। इसका इस्तेमाल ड्रिंक्स को मीठा बनाने में करें। उबालने के बाद पुदीने का फ्लेवर चीनी के साथ अच्छी तरह घुल जाता है और यह आपके ड्रिंक को बेहद ताजगीभरा स्वाद देता है


दही, पुदीना, लहसुन, नींबू का रस और जीरा को एक छोटी कटोरी में एकसाथ मिलाएं। इसमें स्वादानुसार नमक और काली मिर्च भी मिला दें। आपका पुदीने वाला दही सॉस तैयार है। इसे फ्रिज में कुछ दिन तक रखा जा सकता है


रायते में या फिर छाछ में पुदीने को मिलाने से गर्मी में बहुत राहत मिलती है। पेट सही रहता है। 


इसके अलावा आप कच्चे आम को उबाल कर, उसके गूदे में पुदीना, काला नमक और पीसा हुआ जीरा मिलाकर पीएंगे, तो लू का असर नहीं पड़ेगा.


नोट: यहाँ बताये गए सभी घरेलू उपायों का इस्तेमाल करने से पूर्व एक बार सच्चाई की जाँच अपने विवेकानुसार अवश्य करें। किसी जानकर की सलाह लेना ज्यादा उपयोगी रहेगा।

MORE TOPICS


FOLLOW US ON

                           

Friday, February 10, 2017

साइनस के 10 उपचार Sinus Treatment Home Remedies


साइनस एक स्वास्थ्य समस्या है जिसे पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। हालाँकि, आप कुछ एहतियाती उपाय लेने और घर पर सही उपचार करने के द्वारा इसके लक्षणों से राहत पा सकते है। यहाँ साइनस के इलाज के लिए कुछ प्रभावी घरेलू उपचार बताए जा हैं


श्वास संबंधी समस्याओं से आराम पाने के लिए, थोड़ा काला जीरे के बीज ले और उन्हें एक पतले कपड़े में बांधे। तुरंत राहत पाने के लिए इसका उपयोग सांस लेने के लिए करें।


इसके अलावा, आप गर्म पानी में युकलिप्टुस तेल के पाइन तेल की कुछ बूँदें मिला सकते हैं और साइनस के लक्षणों से राहत पाने के लिए इसकी भांप ले सकते है।


अपनी नाक और आंखों के चारों ओर नाक की रनिंग को रोकने के लिए जैतून का तेल लगाएं। यह आपकी नाक की रुकावट को साफ करने मे मदद करेगा।


यदि आप साइनस इनफ्लेशन और सूजन से पीड़ित हो रहे हो, तो नाक के आसपास गर् और ठंडी पट्टी लगाएं।


प्याज और लहसुन की तरह तीखे खाद्य पदार्थों साइनस के इलाज में अधिक फायदेमंद साबित होते है। आप इन खाद्य पदार्थों की एक छोटी राशि लेने के द्वारा शुरू कर सकते हैं और उन्हें धीरे - धीरे बढ़ा सकते हैं। आप अपने नियमित भोजन में इन खाद्य पदार्थों की राशि को शामिल कर सकते हैं।


गाजर के रस में महान चिकित्सा गुणों शामिल है जो साइनस के इलाज में बहुत फायदेमंद है। आप एक ग्लास गाजर का रस अलग से या चुकंदर, खीरे या पालक के रस के साथ ले सकते है। यह साइनस के लक्षणो के उपचार में मदद करेगा।


अधिक पानी पियें, इससे आपकी समस्‍या काबू में रहेगी। अधिक पानी पीने से मूत्र संबंधी कोई विकार भी नहीं होता। इसके अलावा करीब आधा लीटर पानी में एक चम्‍मच नमक और बेकिंग सोडा मिलाकर उस पानी से नाक धोने से भी लाभ मिलता है।


धूम्रपान, सफाई उत्‍पाद, हेयर स्‍प्रे और अन्‍य धुंआ छोड़ने वाले उत्‍पाद आपकी समस्‍या को बढ़ा सकते हैं। जानकार इनमें से भी सिगरेट को सबसे बड़ा खतरा मानते हैं। अगर आपके परिवार में किसी को साइनस की समस्‍या है, तो उन्‍हें घर से बाहर जाकर ही धूम्रपान करना चाहिए। अच्‍छा तो यही रहेगा कि आप इस आदत को छोड़ दें, क्‍योंकि यह आपके लिए भी अच्‍छी आदत नहीं।


साइनस के मरीजों को धूल से काफी परेशानी हो सकती है।अपने घर का वातावरण साफ रखिये।


घर में वेंटिलेशन सही हो,  ताजा हवा आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।


नोट: यहाँ बताये गए सभी घरेलू उपायों का इस्तेमाल करने से पूर्व एक बार सच्चाई की जाँच अपने विवेकानुसार अवश्य करें। किसी जानकर की सलाह लेना ज्यादा उपयोगी रहेगा।

More Topics

Follow Us On

                    

माइग्रेन के 8 घरेलू उपचार Migraine symptoms and treatment


माइग्रेन एक प्रकार का सरदर्द है जिसके कारण कई घंटो तक लगातार दर्द बना रहता है। माइग्रेन दिमाग में रसायनों के असंतुलन के कारण होता है। मौसम में बदलाव होने से भी माइग्रेन हो सकता है। कभी-कभी यह दर्द अचानक से शुरू होता है और अपने आप ठीक भी हो जाता है। माइग्रेन होने पर तनाव, बेचैनी और थकान होती है। माइग्रेन उम्र के किसी भी पडाव में हो सकता है। आइए हम आपको माइग्रेन से बचने के कुछ घरेलू नुस्खे बताते हैं।


अगर माइग्रेन हो तो सबसे पहले हल्के हाथों से मालिश करनी चाहिए। हाथों के स्पर्श से मिलने वाला आराम किसी दवा से ज्यादा असर करता है। सरदर्द होने पर कंधों और गर्दन की भी मालिश करनी चाहिए। इससे दर्द से राहत मिलती है।


एक तौलिये को गर्म पानी में डुबाकर, उस गर्म तौलिये से दर्द वाले हिस्सों की मालिश कीजिए। कुछ लोगों को ठंडे पानी से की गई इसी तरह की मालिश से भी आराम मिलता है। माइग्रेन में बर्फ के टुकडों का भी प्रयोग किया जा सकता है।


सिर दर्द होने पर अपनी सांस की गति को थोड़ा धीमा कर दीजिए, लंबी सांसे लेने की कोशिश बिलकुल मत कीजिए। आराम से सांस लेने से आपको दर्द के साथ होने वाली बेचैनी से भी राहत मिलेगी।


माइग्रेन में दर्द होने पर कपूर को घी में मिलाकर सिर पर हल्के हाथों से मालिश कुछ देर तक मालिश कीजिए।


बटर में मिश्री को मिलाकर खाने से माइग्रेन में राहत मिलती है।


नींबू के छिलके को पीसकर, इसका लेप माथे पर लगाने से माइग्रेन में होने वाले सिरदर्द से राहत मिलती है और माइग्रेन ठीक होता है।


माइग्रेन में अरोमा थेरेपी सिरदर्द से राहत दिला सकती है। अरोमा थेरेपी में हर्बल तेलों का प्रयोग किया जाता है। इसमें हर्बल तेलों को एक तकनी‍क के माध्यपम से हवा में फैला दिया जाता है और उसके बाद भाप के जरिए तेलों को चेहरे पर डाला जाता है।


माइग्रेन में सिर दर्द होने पर धीमी आवाज में संगीत सुनना बहुत फायदेमंद होता है। दर्द से राहत पाने के‍ लिए बंद कमरे में हल्की आवाज में अपने पसंदीदा गानों को सुनिए, सिरदर्द कम होगा और आपको राहत मिलेगी।


माइग्रेन से बचने के लिए आप अपनी खान-पान और जीवनशैली में बदलाव कीजिए। तनाव और ज्यादा भागदौड के कारण भी माइग्रेन होता है। ज्यादा तेज सिरदर्द होने पर आप चिकित्सक से भी संपर्क कर सकते हैं।


नोट: यहाँ बताये गए सभी घरेलू उपायों का इस्तेमाल करने से पूर्व एक बार सच्चाई की जाँच अपने विवेकानुसार अवश्य करें। किसी जानकर की सलाह लेना ज्यादा उपयोगी रहेगा।

More Topics


Follow Us On